तीखे विरोध के बाबजूद फाइनल इयर की होंगी परीक्षाएं




कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण परीक्षाओं के विरोध में पुरे भारत में छात्रों का प्रदर्शन जारी है। संक्रमण के खतरे के कारण जहाँ महाराष्ट्र, उड़ीसा, हरियाणा और बंगाल में सभी परीक्षाएं रद्द हो चुकी हैं तो वहीँ राजस्थान के अंदर फाइनल इयर परीक्षाओं पर अब तक सरकार की तरफ से कोई रोक नही है। कांग्रेस शासित राजस्थान में तमाम छात्र संगठनों के साथ कांग्रेस का छात्र संगठन भी परीक्षाओं के विरोध में मैदान में है लेकिन सरकार अपने फैसले पर अटल है।

सबसे बड़ी बात तो यह है कि महाराष्ट्र को छोड़कर उड़ीसा, राजस्थान और बंगाल के कोरोना केस राजस्थान से कम हैं तब भी वहां की सरकार परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला ले चुकी हैं।

राजस्थान में इस समय 17,392 केस हैं जिसमें से 3372 एक्टिव केस हैं। राजस्थान में कोरोना खत्म हो चुका है ऐसा कहना जल्दबाजी है क्योकि नये केस का मिलना वहां खत्म नही हुआ है। राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, भरतपुर, पाली, उदयपुर सबसे ज्यादा संक्रमित जिलों में से हैं।

इस कोरोना काल में विद्यार्थी एक तरफ महामारी से डरे हुए हैं तो दूसरी सोशल डिस्टेंसिंग से भली भांति परिचित हैं लेकिन उनका कहना है कि ऑफलाइन परीक्षाओं से हम खतरे में आ सकते हैं। छात्रों का विरोध सोशल मीडिया मुख्यतः ट्विटर के माध्यम से जारी है। बता दें कि तमिलनाडू से लेकर हरियाणा तक और गुजरात से लेकर बंगाल तक लाखों विद्यार्थियों का अपने अपने परीक्षाओं को लेकर ट्विटर पर आन्दोलन पिछले एक माह से जारी है।

आपको बता दें की राज्य में राजस्थान विश्वविद्यालय ने अंतिम वर्ष छात्रों की परीक्षा का एलान कर दिया है। उनकी परीक्षा 15 जुलाई से 29 अगस्त तक चलेंगी जबकि ड्यू परीक्षा 31 अगस्त से 7 सितम्बर तक होंगी।


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