हरियाणा में बीते कुछ दिन
से छात्रों के स्वर अपनी समस्याओं को लेकर उग्र हैं। परीक्षाओं, उनके स्वरूप,
सरकार की जल्दबाजी और विश्वविद्यालयों का लचर रवैया छात्रों की समस्या को कम करने
के बजाय और बढ़ा रहा है। इसी सम्बन्ध में अब तक का सबसे बड़ा e-आन्दोलन छात्रों
द्वारा शुरू किया गया है। आइये समझते हैं छात्रों की समस्या को आखिर क्या चाहते
हैं हरियाणा के छात्र?
कोरोना वायरस से जन जीवन
में काफी बदलाव आया है। पास पास रहना और एक दुसरे को छूना जिन्दगी के लिए हानिकारक
है। बदली परिस्थितियों में एक तरफ फैक्ट्री चलना मुश्किल है तो वंही कॉर्पोरेट जगत
में भी काफी समस्याएँ हैं। देशभर में परिवहन सेवा भी सुचारू रूप से नही चल रही है।
इन्ही मुख्य समस्याओं में एक और समस्या है वह है विद्यार्थियों की परीक्षा।
बढ़ते कोरोना संक्रमण में कॉलेज
परीक्षाएं कराना आसान नही है। UGC ने प्रथम व् द्वितीय वर्ष के लिए जनरल प्रमोशन
और अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए परीक्षाएं लेने का प्रस्ताव रखा है। हालाँकि
अंतिम वर्ष की परीक्षा के स्वरूप को नही बताकर कई विकल्प दिए गये हैं।
कोरोना वायरस संक्रमण फैलने का खतरे के कारण विद्यार्थी परीक्षाओं का विरोध कर रहे हैं। कई परिवार बच्चों को घर से बाहर भेजने के लिए तैयार नही है। छात्रों के अनुसार, लॉकडाउन हटने के बाद दी गयी छूट उन्ही क्षेत्रों में है जो जरूरी हैं और आपातकालीन सेवाएँ हैं। अर्थव्यवस्था भी अहम कारण थी लेकिन परीक्षाओं का कॉलेज में होना किसी भी दृष्टि से अनिवार्य नही है। अमेरिका में एक वर्ष के लिए विश्वविद्यालय बंद आकर दिए गये हैं। फ्रांस में कॉलेज खुलने के बाद सैकड़ों छात्र कोरोना वायरस के संक्रमण का शिकार हो गये। इजराइल के अंदर भी स्कूल खुलने के बाद सैकड़ों बच्चों को कोरोना हो गया और हजारों को क्वारंटीन करना पड़ा।
हरियाणा सरकार को सभी विद्यार्थियों की चिंता करनी चाहिए। प्रत्येक विद्यार्थी की जान कीमती है। इसलिए कॉलेज में ऑफलाइन एग्जाम के विचार को तुरन्त त्याग देना चाहिए#NoExamInCovid19 #HaryanaCollegeExam #NoofflineExam #StudentsLivesMatter
— Priya (@Priyajajoriya19) June 20, 2020
हालाँकि सरकार भी
परिस्थिति को देख रही है लेकिन लिए गये फैसले काफी नही है। हरियाणा सरकार ने प्रथम
वर्ष और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को जनरल प्रमोशन देने का फैसला किया है लेकिन
अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षा आयोजित की जाएँगी। ये सभी परीक्षाएं
ऑफलाइन ही होंगी यानी कॉलेज में ही होंगी। इसी को लेकर महर्षि दयानंद
विश्वविद्यालय ने डेटशीट भी जारी कर दी। विश्वविद्यालय 6 जुलाई से परीक्षाएं
कराएगा।
अब छात्रों ने मांग की है कि जब दिल्ली विश्वविद्यालय और अन्य विश्वविद्यालय ऑफलाइन कॉलेज एग्जाम की जगह दुसरे विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं तो हरियाणा में क्यों नही हो सकता?
ऑफ़लाइन के स्थान पर ओपन बुक एग्जाम कराये सरकार। लेकिन ऑफ़लाइन मंजूर नही।#NoOfflineExam#HaryanaCollegeExam#We_demand_OpenBookExam #FinalYearExam#StudentLivesMatter @mlkhattar
— Purnima Singh (@Purnima84526419) June 20, 2020
बता दें कि दिल्ली
विश्वविद्यालय और अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय ओपन बुक एग्जाम कराने का फैसला कर
चुके हैं। इसके साथ ही पांडीचेरी विश्वविद्यालय, महाराष्ट्र, उड़ीसा के साथ साथ गुजरात
के कुछ विश्वविद्यालय अंतिम वर्ष विद्यार्थियों को जनरल प्रमोशन की घोषणा कर
चुके हैं। मध्यप्रदेश में परीक्षाओं को आयोजित कराने का फैसला लिया गया था लेकिन
बाद में उसपर रोक लगा दी गयी।
Haryana 10338
Gurugram 4,394
Faridabad 2,100
हरियाणा में कई जिलों में
केस काफी कम है लेकिन गुरुग्राम और फरीदाबाद में हालात परीक्षा कराने जैसे नही हैं।
इसी को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार विद्यार्थी अपना रोष प्रकट कर रहे हैं। कुछ का
कहना है कि जनरल प्रमोशन अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को भी दिया जाये जबकि ज्यादातर
विद्यार्थी परीक्षा देने के लिए तैयार तो हैं लेकिन ऑफलाइन परीक्षा के विरोध में
हैं।
सोशल मीडिया पर काफी दिन
से #NoOfflineExam के साथ मुहीम चली हुई है। इसमें हजारों ट्वीट के साथ अपनी समस्या को
छात्रों ने आगे रखा है। वर्तमान परिस्थिति में सड़क पर विरोध प्रदर्शन न करके सोशल
मीडिया के माध्यम से ही अपनी बात रखकर जहाँ छात्र अपनी समझदारी दिखा रहे हैं तो
दूसरी तरफ परीक्षा कराने को लेकर सीधे ओपन बुक एग्जाम का विकल्प भी सरकार को दे
रहे हैं।
अभी छात्रों ने एक और समस्या को सामने रखा है। उनका कहना है कि पास आउट विद्यार्थियों के लिए जिनकी पांचवें सेम में रीअपियर है, उनके लिए इस बार मर्सी चांस मिला हुआ है। वो इस बार परीक्षा देकर डिग्री कम्पलीट कर सकते हैं और PG में एडमिशन ले सकते हैं।
रिअपीयर की क्या गलती है। हमारे एग्जाम क्यों कैंसिल किये गए। हमारे एग्जाम कराइये लेकिन ऑफलाइन भी नही चाहिए। हमे ओपन बुक एग्जाम चाहिए#NoOfflineExam#HaryanaCollegeExam #We_Demand_OpenBookExam
— Pankaj Rajput (@pankaj_rajput97) June 20, 2020
हमारे देश में युवाओं को लेकर बड़ी बड़ी बातें की जाती हैं जबकि परीक्षा के नाम पर हजारों छात्रों की जान को खतरे में डाला जा रहा है। #NoOfflineExam#HaryanaCollegeExam#We_demand_OpenBookExam #FinalYearExam
— Anjali Yadav (@AnjaliY81702623) June 20, 2020
@mlkhattar @Dchautala @OfficialMdu @highereduHRY
गुरुग्राम के छात्र नेता आशीष राजपूत का कहना है कि "सरकार प्रथम वर्ष और द्वितीय वर्ष वालों को जनरल प्रोमोट करे और अंतिम वर्ष वालों की परीक्षाएं ओपन बुक एग्जाम हों। ओपन बुक कराने से सभी रीअपीयर विद्यार्थियों की परीक्षा भी सम्भव है। इसके साथ ही परिवहन सेवा सुचारू रूप से न चलने पर विद्यार्थियों को समस्या नही आएगी, यही एक तरीका है जिससे कोरोना के संक्रमण से बचा जा सकता है साथ में विद्यार्थियों का भविष्य भी खराब नही होगा।"
हमारा स्पष्ट कहना है कि #कोरोना महामारी को देखते हुए #OfflineExam हमे मंजूर नही है। सरकार अन्य विकल्पों पर विचार करते हुए परीक्षाएँ कराये या स्थगित करे या प्रमोशन के लिए सोचे। किसी भी कीमत पर कॉलेज में एग्जाम मंजूर नही#NoOfflineExam #HaryanaCollegeExam #We_demand_OpenBookExam
— Ashish Rajput (@ashishkumar9919) June 20, 2020
अब MDU ने डेटशीट जारी
करके परीक्षा कराने का ऐलान कर दिया है लेकिन देखना होगा कि सरकार छात्रों की
समस्या को गम्भीरता से लेती है या नही।

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