मेडिकल विद्यार्थियों की परीक्षा पर रोक नही, छात्रों का आन्दोलन जारी


कोरोना महामारी के कारण देशभर में कॉलेज परीक्षाओं को रद्द करने और जनरल प्रोमोट करने की प्रक्रिया जारी है। महाराष्ट्र, उड़ीसा, मध्यप्रदेश, हरियाणा, बंगाल के बाद अब उत्तर प्रदेश ने भी कॉलेज परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। कोरोना महामारी में संक्रमण का खतरा इतना बढ़ गया है कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री भी यूजीसी से नियमों में बदलाव करने की समीक्षा करने का सुझाव भी दिया था। इन सबके साथ ही सबसे बड़ा झटका मेडिकल छात्रों को लगा है जिनकी परीक्षाओं को रद्द नही किया गया है। महाराष्ट्र में सरकार ने मेडिकल क्षेत्र की जिम्मेदारी को देखते हुए छात्रों को बिना परीक्षा पास करने पर रोक लगा दिया है। शासन का कहना है कि मेडिकल छात्र की आगे चलकर जिम्मेदारियां बढ़ जाएँगी। उनके द्वारा किये गये कार्य पर लोगों की जिन्दगी निर्भर होगी ऐसे में हम मेडिकल छात्रों को पिछले वर्ष के रिजल्ट के आधार पर पास नही कर सकते।

मेडिकल छात्रों के लिए यही झटका हरियाणा में भी लगा है। हरियाणा में भी मेडिकल छात्रों को छोड़कर सभी को प्रमोशन की घोषणा हो चुकी है। मेडिकल छात्रों का यह कहना है कि संक्रमण का खतरा इतना बढ़ चुका है कि परीक्षा कराना छात्रों की जान को खतरे में डालना है। हरियाणा में इसी खतरे को देखते हुए ही विश्वविद्यालय और बोर्ड कक्षाओं की परीक्षाओं को रद्द किया जा चुका है।

हरियाणा की भगवत दयाल शर्मा यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंस, रोहतक से सम्बन्धित डेंटल कॉलेज की मेडिकल छात्रा शिल्पा सैनी ने बताया कि महामारी के इस दौर में सिलेबस पूरा नही हो पाया है। इसके साथ ही अन्य जिलों और राज्यों से विद्यार्थी होने के कारण उनका परीक्षा देना सम्भव नही है। सरकार को मेडिकल छात्रों की समस्या को देखते हुए हमारी परीक्षा भी रद्द करनी चाहिए।

मेडिकल छात्रों द्वारा अपनी समस्याओं को लेकर ट्विटर पर आन्दोलन जारी है। लगातार बिगड़ते माहौल में कोई भी छात्र अपनी जान को खतरे में नही डालना चाहता। हालाँकि छात्रों ने इसके साथ ही सरकार के समक्ष परीक्षा को कराने की स्थिति में अन्य विकल्प पर कार्य करने या फिर कोरोना वायरस संक्रमण के काबू में आने तक रुकने के प्रस्ताव भी रखें है। छात्रों की समस्या इस बात से आसानी से समझी जा सकती है कि हॉस्टल बंद रखने के आदेश हैं और यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से शुरू नही हुई है। फिर कैसे विद्यार्थी परीक्षा दे सकते हैं?

हरियाणा स्टूडेंट यूनिटी द्वारा इस मामले में कहा गया है कि मेडिकल छात्रों और अन्य छात्रों में सरकार को अंतर क्यों नजर आ रहा है? कोरोना वायरस से सभी को खतरा है। होस्टल और कॉलेज तक आने जाने की समस्या का सरकार क्या समाधान करेगी? हम इस मामले में जल्द ही सम्बन्धित विभाग तक अपनी बात पहुचायेंगे और छात्रों की समस्या को मजबूती से रखेंगे।

अब देखना है कि मेडिकल छात्रों की समस्या को सरकार सुनेगी या नजरंदाज करेगी? लेकिन विद्यार्थियों का सोशल मीडिया पर आन्दोलन लगातार जारी है।     


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