गुरुग्राम :
हरियाणा
के सबसे बड़े विश्वविद्यालयों में से एक महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक ने कई
महीने के असमंजस के बाद आख़िरकार ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करने का फैसला कर लिया । सोमवार
को विश्वविद्यालय ने पोर्टल जारी करते हुए छात्रों के समक्ष ऑफलाइन या ऑनलाइन किसी
एक तरीके को चुनने का विकल्प रखा । छात्र 29 अगस्त तक अपना परीक्षा मोड चुन सकते
हैं । विश्वविद्यालय द्वारा यह परीक्षा ओपन बुक परीक्षा की तरह ही होगी हालाँकि
प्रश्न पत्र वैकल्पिक या विवरणात्मक दोनों प्रकार से हो सकता है । विश्वविद्यालय
के फैसले के बाद अब तकरीबन सवा लाख विद्यार्थियों को यह साफ हो गया कि वो सितम्बर
में परीक्षा देंगे ।
इस
एलान के बाद भी अपने परम्परागत तरीके को जारी रखते हुए विश्वविद्यालय ने कुछ सवाल
अधूरे छोड़ दिए जैसे कि रीअपीयर पर क्या स्थिति है? क्या प्रथम और द्वितीय वर्ष
रीअपीयर छात्रों को परीक्षा देनी है या नही? क्या 5th सेमेस्टर रीअपीयर छात्रों की
परीक्षा होगी या नही?
आपको
बता दें कि अप्रैल में 2nd, 4th, 5th
और 6th सेमेस्टर
की परीक्षा होनी थी । इसमें रेगुलर और रीअपीयर दोनों छात्र शामिल थे । कोरोना की
वजह से परीक्षाएं अब सितम्बर में आयोजित हो रही हैं लेकिन अंतिम सेमेस्टर को छोड़कर
अन्य सेमेस्टर के बारे में असमंजस की स्थिति है । यह देखना भी जरूरी है कि उच्चतर
शिक्षा विभाग ने प्रथम वर्ष और द्वितीय वर्ष को प्रोमोट करने का फैसला लिया है ।
इस प्रमोशन का फायदा रीअपीयर को मिलेगा या नही, यह बड़ा प्रश्न है ।
गौरतलब
है कि मई में हरियाणा सरकार द्वारा अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को लेने का एलान करने
के बाद जुलाई में MDU ने परीक्षाओं को प्रस्तावित कर दिया था हालाँकि भारी विरोध
और लगातार बढ़ते संक्रमण के कारण परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया और सरकार ने सभी
को प्रोमोट करने का फैसला लिया । इसके कुछ दिन बाद यूजीसी ने दिशानिर्देश जारी
करते हुए अंतिम वर्ष परीक्षाओं को अनिवार्य घोषित कर दिया । इसके बाद देशभर में छात्रों
द्वारा भारी विरोध प्रदर्शन हुआ । इस प्रदर्शन में जहाँ एबीवीपी ने यूजीसी के फैसले
का स्वागत किया तो वहीँ एनएसयूआई ने परीक्षाओं को न कराने के लिए मांग रखी । इसी
कड़ी में वर्ल्ड स्टूडेंट यूनियन ने भी परीक्षाओं के आयोजन पर सवाल उठाये लेकिन
ऑफलाइन न कराकर ओपन बुक, रिपोर्ट मेकिंग व असाईनमेंट वर्क तरीके से कराने के लिए
आवाज उठाई । भारत की सबसे पहली छात्रों की वर्चुअल रैली का आयोजन भी वर्ल्ड
स्टूडेंट यूनियन ने किया ।
अब
जब MDU ने ओपन बुक तरीके से परीक्षा कराने का फैसला कर लिया है तो छात्र आन्दोलन
भी सफल हो गया है । हालाँकि इसी बीच हरियाणा की कुछ अन्य विश्वविद्यालय भी परीक्षा
करा रहे हैं जोकि पुर्णतः ऑफलाइन होंगी । यहाँ सवाल तो उठेगा कि आखिर
विश्वविद्यालय ने सभी छात्रों के बारे में रुख स्पष्ट क्यों नही किया साथ ही जब मुख्यमंत्री
स्वयं कोरोना संक्रमित हैं तो ऐसे में भी कई विश्वविद्यालय ऑफलाइन परीक्षा क्यों
करा रहे हैं?

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