Report : Gurugram
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक
द्वारा स्नातक की परीक्षाएं ऑनलाइन मोड में जारी हैं। अभी सिर्फ चार दिन ही
परीक्षा को हुए हैं लेकिन हर दिन समस्या सामने आ रही है। पहले दिन से ही छात्रों
ने शिकायत दर्ज करना शुरू कर दिया था लेकिन विश्वविद्यालय अपनी गलती मानने को
तैयार नही। हालाँकि 18 अक्टूबर को हुई केमिस्ट्री की परीक्षा में शिकायतों के
रिकॉर्ड टूट गये और लगभग हर जिले से सैकड़ों छात्रो ने महाविद्यालय स्तर पर, काफी
बच्चों ने विश्वविद्यालय कैंपस में शिकायत और विरोध दर्ज कराया। मीडिया और छात्र
संगठनों द्वारा मुद्दा उठाने पर विश्वविद्यालय को दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा
करनी पड़ी। हालाँकि इसके बाद न ही समस्या आना बंद हुई और न ही विश्वविद्यालय कोई
कदम उठा रहा है।
पिन की समस्या
परीक्षा में प्रत्येक छात्र को परीक्षा
से एक दिन पूर्व एक पिन भेजा जाता है। अगर एक दिन में तीन पेपर हैं तो तीन अलग अलग
पिन छात्र को भेजे जायेंगे। कई छात्रों का कहना है कि उन्हें पिन नही मिला जबकि कई
छात्रों को तीन में से सिर्फ दो या एक पिन नही मिला। इस वजह से छात्र परीक्षा नही
दे सके।
गलत टाइमर का आना
इसके साथ ही परीक्षा कराने के लिए
इस्तेमाल किया जा रहा HireMe एप में परीक्षा के समय काफी खामियां
सामने आई हैं। छात्रों का कहना है कि 30 मिनट की परीक्षा में 45 मिनट का समय
दिखाया गया जिस वजह से छात्रों ने एक परीक्षा 45 मिनट में पूरी की जबकि अगली परीक्षा
का समय शुरू हो चुका था। ऐसे में समय के अनुसार सेट किया गया पिन तीसरी परीक्षा
में काम ही न आ सका और बड़ी संख्या में परीक्षा देने से छात्र वंचित रह गये।
अनावश्यक ज़ूम की समस्या
मोबाइल में परीक्षा के समय सबसे बड़ी समस्या
जरूरत से ज्यादा ज़ूम किया हुआ प्रश्न का सामने आना है। प्रश्न को पूरा देखने के
लिए ज़ूम आउट करना आवश्यक हो जाता है जिसे करने में तकरीबन एक मिनट का समय लगता है।
कई बार छात्रों का ज़ूम आउट हो ही नही पाता जिस वजह से परीक्षा नही हो पा रही। ज़ूम
की समस्या हर छात्र के साथ है।
विश्वविद्यालय पिन की समस्या का दोष
छात्रों पर ही मढ़ रहा है और गलती मानने को तैयार नही है। गलत टाइमर को भी छात्रों
की ही गलती बताने की विवि प्रशासन ने कोशिश की लेकिन भारी विरोध के कारण उन्हें
परीक्षा दोबारा कराने का आश्वासन देना पड़ा। अत्यधिक ज़ूम होने की समस्या का कोई
समाधान विश्वविद्यालय के पास नही है हालाँकि ज़ूम आउट करने का तरीका अवश्य ही
एमडीयू ने बताया। जबकि छात्रों को तीन पेपर एक साथ होने की स्थिति में 30 मिनट ही
मिलते हैं और अनावश्यक समय ज़ूम आउट करने में खर्च होने की वजह से पूरा पेपर नही हो
पाता।
छात्रों के लिए कुछ जानकारी का होना
आवश्यक है ताकि उन्हें विश्वविद्यालय की गलती का खामियाजा न भुगतना पड़ें।
सबसे महत्वपूर्ण है कि छात्र के सामने अगर
कोई समस्या परीक्षा के दौरान आ रही है तो अपनी विस्तार से समस्या, साथ में सारी
जानकारी जैसे नाम, पिता का नाम, रोल.न., रजिस्ट्रेशन न., कॉलेज, पेपर कोड और समय,
इसको विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिकारिक परीक्षा ईमेल आईडी online.exam@mdu.ac.in पर ईमेल करें। ईमेल में साथ में अपना एडमिट कार्ड
जरुर अटैच करें। अगर परीक्षा से एक दिन पूर्व पिन नही आता तो तुरंत सारी जानकरी
अपने एडमिट कार्ड के साथ उपरोक्त ईमेल आईडी पर सेंड करें। ध्यान रहे, ईमेल न भेजे
जाने पर परीक्षा न होने के लिए छात्र ही जिम्मेदार होगा।
ज़ूम की समस्या के समाधान के लिए छात्र
अगर लैपटॉप इस्तेमाल करें तो बेहतर होगा। हालाँकि लैपटॉप के लिए अच्छा इन्टरनेट
होना आवश्यक है। अगर इन्टरनेट अच्छा नही है तो परीक्षा शुरू नही होगी या बीच में
रुक सकती है। ज़ूम आउट करने का तरीका भी छात्रों को पता होना चाहिए जिस स्वयं
विश्वविद्यालय ने बताया है।
समस्या की जिम्मेदारी किसकी?
समस्या की जिम्मेदारी लेने के लिए
विश्वविद्यालय तैयार नही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विश्वविद्यालय द्वारा
इस्तेमाल किया जा रहा HireMe एप्लीकेशन सिर्फ तीन साल पुराना है और
कॉलेज परीक्षा कराने का कोई विशेष अनुभव नही है। इसके साथ ही ऐसा कहा जा रहा है कि
विश्वविद्यालय ने खर्च बचाने के लिए छात्रों की परवाह नही की क्योकि HireMe
विश्वविद्यालय से कोई चार्ज नही वसूल रहा। यह सभी सेवाएं बिना किसी शुक्ल के देता
है। सूत्रों के मुताबिक विश्वविद्यालय ने किसी और एजेंसी से बात ही नही की और बिना
टेंडर जारी किये इस एप्लीकेशन को परीक्षा के लिए चुन लिया गया। ऐसे में
विश्वविद्यालय संदेह के घेरे में है।


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